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Sunday, September 10, 2017

आसाराम, राधे मां, सचिदानंद गिरी, राम रहीम, ओम बाबा, निर्मल बाबा और भीमानंद सहित कुल 14 बाबा फर्जी घोषित! यहां पढ़े पूरी लिस्ट...

राधे मां, ओम बाबा सहित 14 फर्जी बाबाओं के नाम 
लखनऊ । पिछले कुछ सालों में भारत में धर्म के नाम पर फर्जी बाबाओं ने अपनी दुकानदारी चल रखी है। इन फर्जी बाबाओं के कारण धर्म बदनाम हो रहा है। इसकारण रविवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने देश के 14 फर्जी बाबाओं की सूची जारी की है। इलाहाबाद में अपनी कार्यकारिणी की बैठक में इन बाबाओं की लिस्ट जारी हुई लिस्ट में आसाराम उर्फ आशुमल शिरमानी, सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां, सचिदानंद गिरी उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत राम रहीम, डेरा सच्चा सिरसा, ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ऊं नम: शिवाय बाबा, नारायण साईं, रामपाल, खुशी मुनि, बृहस्पति गिरि और मलकान गिरि समेत कुल 14 नाम शामिल हैं। इस बैठक में मौजूद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में देश के सभी 13 अखाड़े शामिल हैं, जिसमें लाखों की संख्या में साधु-संत हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने कहा, काफी दिनों से फर्जी बाबाओं के द्वारा बलात्कार, शोषण और देश की भोली-भाली जनता को ठगने की खबरें आती रही हैं। कई बाबाओं के खिलाफ देश की अदालतें भी फैसला दे चुकी हैं। इन फर्जी बाबओं के कारण ही हिंदू धर्म और संत समाज की बदनामी होती है. इसलिए परिषद ने ये फैसला लिया है कि वह स्वयं फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी कर दे, ताकि जनता इन फर्जी बाबाओं से कुछ सचेत रह सके।
उन्होंने यह भी बताया कि अखाड़ा परिषद की इस पहल को लेकर आसाराम के कथित समर्थकों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी है। अखाड़ा परिषद की कार्यकारिणी में सभी अखाड़ों के दो-दो सदस्य हैं, ये 26 सदस्य मिलकर फर्जी बाबाओं की सूची बनाएंगे। पहली सूची परिषद की रविवार को इलाहाबाद में हो रही मीटिंग में जारी की। इसके बाद लगातार कई सूचियां आएंगी, अखाड़ों का ऐसा विश्वास है कि 7 अखाड़ों की स्थापना आदि-शंकराचार्य के द्वारा की गई थी। जिनमें महानिर्वाणी, निरंजनी, जूना, अटल, आवाह्ऩ, अग्नि और आनंद अखाड़ा शामिल हैं। मुगल काल में और बाद में ब्रिटिश हुकूमत के दौरान भी सारे अखाड़े समय-समय पर और विशेषकर अर्धकुंभ और कुंभ के दौरान इकट्ठा होकर हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए संकल्प लेते रहे हैं। अभी भी कुंभ में अखाड़े सबसे बड़ा आकर्षण होते हैं, इनमें अखाड़ों और नागा साधुओं का शाही स्नान विशेष आकर्षण का केंद्र होता है। करोड़ों की तादाद में श्रद्धालु इस दौरान इनसे मिलने आते हैं, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने कहा कि परिषद की कोशिश यह है कि 2019 में होने वाले अगले अर्धकुंभ में फर्जी बाबाओं के प्रवेश रोक लगानी चाहिए। 

Friday, September 8, 2017

LATEST : राम रहीम का पर्दाफाश, डेरे में चलाता था प्लास्टिक की करेंसी

हरियाणा । गुरमीत राम रहीम न सिर्फ डेरे में अपनी मनमानी करता था, बल्कि उसके द्वारा आसपास के मार्केट में प्लास्टिक की करेंसी भी चलाई जा रही थी। इस बात का खुलासा शुक्रवार की सुबह डेरा स्थल पर पहुंची पुलिस द्वारा लिए जा रहे तलाशी अभियान में सामने आया है। इनमें अलग अलग तरह की मुद्राओं का संचालन किया जा रहा था, जिसके जरिए सामान की खरीदी एवं बिक्री की जाती थी। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि अनुयायियों का यह करेंसी कुछ खास लोगों के द्वारा ही दी जाती थी और इसी के आधार पर सामान खरीदा जाता था। हालांकि पुलिस के दल की फिलहाल आश्रम स्थल पर जांच जारी है। 

Thursday, September 7, 2017

जमीन खोद डेरे में दफन नरकंकाल निकालेंगे सुरक्षा बल

हिसार . गुरमीत राम रहीम सिंह के डेरों के सघन निरीक्षण की हरियाणा पुलिस व अर्धसैनिक बलों ने पूरी तैयारी कर ली है। इस दौरान जमीन में गाड़े गए विस्फोटकों और नरकंकालों को खोजने का प्रयास किया जाएगा। राम रहीम के सलाखों के पीछ जाने के बाद से हरियाणा में शांति है।  प्रशासन का मानना है कि राम रहीम के समर्थक फिर से उत्पात कर सकते हैं।  इसलिए सिरसा में एहतियातन अब भी सेना तैनात है।
राम रहीम के पूर्व अंगरक्षक बेअंत सिंह और कुछ अन्य लोगों ने बताया कि राम रहीम ने अपने हत्या के बाद डेरे में ही दफन कर दिया गया है।  सैकड़ों लोगों को गला घोटकर मारा गया था और उनके शव भाखड़ नहर में दिए गए। यह सिलसिला सालों चलता रहा। इसके बाद मारे जाने वाले लोगों का दाह संस्कार किया जाने लगा।  उनकी हड्डियां डेरे के पीछे बने बाग में गाड़ दी जाती थीं। यह सनसनीखेज राज फाश डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के गार्ड रहे बेअंत सिंह ने किया, जो खुद भी गुरमीत राम रहीम सिंह की ज्यादतियों का शिकार हुआ था।

Wednesday, September 6, 2017

मन मुताबिक दामों पर सब्जी बेचता था गुरमीत

- पांच हजार में एक पपीता तो एक हरी ‎मिर्च एक हजार की

नई दिल्ली । दो साध्वियों से रेप करने के जुर्म में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम की कारगुजारियां लगातार सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक राम रहीम अपने भक्तों को भगवान के नाम पर फंसा लेता था और मन मुताबिक दामों पर सब्जी बेचता था। एक हरी मिर्च एक हजार रुपए की, एक छोटा बैंगन एक हजार रुपए का। बैंगन का साइज बड़ा हो तो उसकी कीमत दो हजार हो जाती थी। मटर के पांच दानों का पैक एक हजार रुपए तक मिलता है। अगर आपने आधा किलो मटर लिया होता तो लाखों में उसकी कीमत होती। इतना ही नहीं राम रहीम अपने अंधभक्तों को 5000 रुपए में एक पपीता बेचता था।
गौरतलब है ‎कि सिरसा में राम रहीम का डेरा करीब 800 एकड़ में फैला है, जिसके बड़े हिस्से में खेती की जाती है। इन खेतों में उगने वाली सब्जियों को राम रहीम अपने भक्तों को सोने के दाम पर बेचता था। बाबा दो टमाटर के लिए दो हजार लेता था। भक्तों में अंधभक्ति ऐसी थी कि बाबा के बाग की सब्जी का स्वाद हर कोई चखना चाहता था। परिवार के एक सदस्य को भी हजारों की कीमत का मटर का एक दाना मिलता तो वो खुद को धन्य समझता। राम रहीम की सब्जी किसी भी कीमत पर खरदीने के पीछे का कारण था कि भक्त कहते थे हमारे पिता ने अपने हाथ से इस सब्जियों को उगाया है। इन्हें खाने से हमें कोई बीमारी नहीं होगी।