जयपुर, 7 सितम्बर। ओलिटिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने यूके और शेष यूरोप में आलिव टी के वितरण के लिए ग्रीनलीफ ट्रेडिंग कम्पनी, यूनाइटेड किंग्डम के श्री विन्सेंट टेरेनोवा और श्री गुरदीप सिंह के साथ पार्टनरशिप एग्रीमेंट किया है। प्रथम चरण में वे आलिव टी का यूके में वितरण करेंगेे और फिर यूरोप के अन्य देषों में। यह अनुबंध आॅलिव टी की बड़ी मात्रा के लिए किया गया है। ग्रीनलीफ द्वारा टेस्को और सेन्सबरी‘ज जैसे स्टोर्स से भी सम्पर्क करने की योजना है। आज यह जानकारी जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओलिटिया फूड्स के निदेशक, श्री धरमपाल गढ़वाल और श्रीमती सारिका साहनी ने दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्रीनलीफ ट्रेडिंग कम्पनी के निदेषक, श्री गुरदीप सिंह और चाय विशेषज्ञ, श्री अविजित डे ने भी सम्बोधित किया।
ओलिटिया फूड्स द्वारा ‘आलिव टी के माध्यम से ‘ग्रीन टी‘ का विकल्प तैयार किया है। अनेक वर्षो के अनुंसधान के बाद इन्होंने दुनिया की सर्वप्रथम प्रोसेस्ड आॅलिव टी तैयार की है। यह प्रथम अवसर है जबकि दुनिया में आॅलिव की पत्तियों को तोड़ने, पीसने और कर्लिंग के लिए विषेष मषीन बनाई गई है।
उल्लेखनिय है कि वर्ष 2007 में राजस्थान सरकार द्वारा आलिव को राज्य की जलवायु के अनुकूल मानते हुए इसकी खेती आरम्भ करवाई थी। इजरायल से प्राप्त तकनीक के माध्यम से यहां 5,000 हैक्टेयर भूमि पर आॅलिव के पौधे लगाये गये।
आलिव टी उपलब्ध कराने के लिए ‘ग्राम 2016‘ में राजस्थान सरकार और आॅलिषिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के मध्य एक एमओयू किया गया था। आलिषिया फूड्स ने इसके लिए 10 करोड रूपए के निवेष का वादा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के तहत यह कदम उठाया गया है।
ओलिटिया फूड्स के निदेषक, श्री धर्मपाल गढ़वाल आषा व्यक्त की कि राजस्थान सरकार के साथ मिल कर आॅलिव की खेती करने वाले किसानों की स्थिति में सुधार होगा। इस तरह की फसलों के आने से किसान परम्परागत फसलों पर निर्भर नहीं रहेंगे और उन्हें अपनी मेहनत का ज्यादा लाभ मिल सकेगा। अन्य फसलों की तरह आॅलिव को मृदु जल की आवष्यकता नहीं होती है। राजस्थान में इस प्रकार के जल की कमी भी है। चूंकि आॅलिव वर्ष भर अंकुरित नहीं होते अतः आॅलिव टी की पत्तियों से किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है, क्योंकि ये 40-50 दिन में आना आरम्भ हो जाती है।
आलिव टी को आधुनिक समय का ‘अमृत‘ कहा गया है, क्योंकि इसके स्वास्थ्य लाभ अन्य किसी भी चाय से काफी अधिक है। एंटीआक्सीडेंन्ट्स से भरपूर होने कारण यह ‘टी‘ त्वचा से टाक्सिन और कार्सिनोजन्स को समाप्त कर देती है। इसमें कैफीन नहीं होने के बावजूद यह ताजगी देती है। यह झुर्रियां और मुँहासों का कम कर त्वचा को ‘ग्लो‘ प्रदान करती है। यह कालेस्ट्रोल और ब्लड प्रेषर को भी कम करती है। इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे जुकाम एवं फ्लू से बचाव ता है।
ओलिटिया फूड्स आलिव टी के रूप में दुनिया को आधुनिक ‘अमृत‘ देने जा रहा है। उनके पास अन्य देषों जैसे अमेरिका और खाडी देषों से भी एमओयू के लिए प्रस्ताव आ चुके हैं। राजस्थान के किसानों द्वारा उगाया गया यह उत्पाद अब पूरी दुनिया तक पहुंचेगा।
राजस्थान के कृषि मंत्री, डा.प्रभुलाल सैनी का कहना है कि लैब की जांच से यह प्रमाणित हो गया कि आलिव की पत्तियों में ल्यूटेआलिन नामक शक्तिषाली एंटीआक्सीडेंट होता है। इसके उपयोग से ब्लड, प्रोस्टेट और ओवेरियन कैंसर से बचा जा सकता है। प्रयोगषाला जांच में आलिव की पत्तियों में उपलब्ध इन गुणों की जानकारी मिलने के पष्चात् इनके प्रसंस्करण का निर्णय किया गया। ये उन लोगो के लिए भी लाभदायक है जो मानसिक तनाव, हृदयरोग आदि से पीडित है।
ओलिटिया फूड्स द्वारा ‘आलिव टी के माध्यम से ‘ग्रीन टी‘ का विकल्प तैयार किया है। अनेक वर्षो के अनुंसधान के बाद इन्होंने दुनिया की सर्वप्रथम प्रोसेस्ड आॅलिव टी तैयार की है। यह प्रथम अवसर है जबकि दुनिया में आॅलिव की पत्तियों को तोड़ने, पीसने और कर्लिंग के लिए विषेष मषीन बनाई गई है।
उल्लेखनिय है कि वर्ष 2007 में राजस्थान सरकार द्वारा आलिव को राज्य की जलवायु के अनुकूल मानते हुए इसकी खेती आरम्भ करवाई थी। इजरायल से प्राप्त तकनीक के माध्यम से यहां 5,000 हैक्टेयर भूमि पर आॅलिव के पौधे लगाये गये।
आलिव टी उपलब्ध कराने के लिए ‘ग्राम 2016‘ में राजस्थान सरकार और आॅलिषिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के मध्य एक एमओयू किया गया था। आलिषिया फूड्स ने इसके लिए 10 करोड रूपए के निवेष का वादा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के तहत यह कदम उठाया गया है।
ओलिटिया फूड्स के निदेषक, श्री धर्मपाल गढ़वाल आषा व्यक्त की कि राजस्थान सरकार के साथ मिल कर आॅलिव की खेती करने वाले किसानों की स्थिति में सुधार होगा। इस तरह की फसलों के आने से किसान परम्परागत फसलों पर निर्भर नहीं रहेंगे और उन्हें अपनी मेहनत का ज्यादा लाभ मिल सकेगा। अन्य फसलों की तरह आॅलिव को मृदु जल की आवष्यकता नहीं होती है। राजस्थान में इस प्रकार के जल की कमी भी है। चूंकि आॅलिव वर्ष भर अंकुरित नहीं होते अतः आॅलिव टी की पत्तियों से किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है, क्योंकि ये 40-50 दिन में आना आरम्भ हो जाती है।
आलिव टी को आधुनिक समय का ‘अमृत‘ कहा गया है, क्योंकि इसके स्वास्थ्य लाभ अन्य किसी भी चाय से काफी अधिक है। एंटीआक्सीडेंन्ट्स से भरपूर होने कारण यह ‘टी‘ त्वचा से टाक्सिन और कार्सिनोजन्स को समाप्त कर देती है। इसमें कैफीन नहीं होने के बावजूद यह ताजगी देती है। यह झुर्रियां और मुँहासों का कम कर त्वचा को ‘ग्लो‘ प्रदान करती है। यह कालेस्ट्रोल और ब्लड प्रेषर को भी कम करती है। इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे जुकाम एवं फ्लू से बचाव ता है।
ओलिटिया फूड्स आलिव टी के रूप में दुनिया को आधुनिक ‘अमृत‘ देने जा रहा है। उनके पास अन्य देषों जैसे अमेरिका और खाडी देषों से भी एमओयू के लिए प्रस्ताव आ चुके हैं। राजस्थान के किसानों द्वारा उगाया गया यह उत्पाद अब पूरी दुनिया तक पहुंचेगा।
राजस्थान के कृषि मंत्री, डा.प्रभुलाल सैनी का कहना है कि लैब की जांच से यह प्रमाणित हो गया कि आलिव की पत्तियों में ल्यूटेआलिन नामक शक्तिषाली एंटीआक्सीडेंट होता है। इसके उपयोग से ब्लड, प्रोस्टेट और ओवेरियन कैंसर से बचा जा सकता है। प्रयोगषाला जांच में आलिव की पत्तियों में उपलब्ध इन गुणों की जानकारी मिलने के पष्चात् इनके प्रसंस्करण का निर्णय किया गया। ये उन लोगो के लिए भी लाभदायक है जो मानसिक तनाव, हृदयरोग आदि से पीडित है।
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