रायपुर। छत्तीसगढ़ को एक बार फिर से राष्ट्रीय पुरस्कार ने नवाजा गया है। हार्टिकल्चर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में हुए उल्लेखनीय कार्यो के लिए एग्रीकल्चर लीडरशिप एवार्ड - २०१७ से नवाजा गया है। नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में पुरस्कार को हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के हाथों छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने ग्रहण किया। इस अवसर अन्य राज्यों के कृषि मंत्री सहित कृषि जगत से जुड़े विशेषज्ञगण भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर ब्रजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ को बने १७ साल हुए और आज यह राज्य देश मे सबसे तेज गति से विकसित होने वाला राज्य बन गया है । उन्होंने कहा की हार्टिकल्चर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने क्षेत्रफल में ४ गुना और उत्पादन में ५ गुना की वृद्धि की हैं । उन्होंने बताया कि राज्य के गठन के समय छत्तीसगढ़ में ७० हजार पॉवर पंप थे जो अब बढ़कर साढ़े चार लाख हो गये हैं । हमने उत्पादन बढ़ाने के लिये बड़े पैमाने पर माइक्रो सिंचाई को अपनाया । राज्य में ७०० से अधिक एनीकट और स्टॉप डैम बनाकर किसानों को पानी उपलब्ध कराया । श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के किसानों की आय दुगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में छत्तीसगढ़ में अनेक कदम उठाये गये हैं । सरकार ने छत्तीसगढ़ में कृषि के विकास हेतु साल- दर साल नवीन नीतिया ओर कार्यक्रम तैयार किया जिससे न केवल कृषि अपितु उदयानकी फ़सलों के उत्पादन को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रफल में १३ वें ओर उत्पादन में १२ वें स्थान पर हे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, कृषक आत्मनिर्भर बने इसके लिए यह ज़रूरी है कि वे सब्जीपालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि कार्यों से भी जुड़े। भारतीय कृषि और खाद्य परिषद द्वारा आयोजित इस १० वे ग्लोबल एग्रीकल्चर लीडरशिप समिट में नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद्र और छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अजय सिंह भी उपस्थित थे ।
इस अवसर पर ब्रजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ को बने १७ साल हुए और आज यह राज्य देश मे सबसे तेज गति से विकसित होने वाला राज्य बन गया है । उन्होंने कहा की हार्टिकल्चर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने क्षेत्रफल में ४ गुना और उत्पादन में ५ गुना की वृद्धि की हैं । उन्होंने बताया कि राज्य के गठन के समय छत्तीसगढ़ में ७० हजार पॉवर पंप थे जो अब बढ़कर साढ़े चार लाख हो गये हैं । हमने उत्पादन बढ़ाने के लिये बड़े पैमाने पर माइक्रो सिंचाई को अपनाया । राज्य में ७०० से अधिक एनीकट और स्टॉप डैम बनाकर किसानों को पानी उपलब्ध कराया । श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के किसानों की आय दुगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में छत्तीसगढ़ में अनेक कदम उठाये गये हैं । सरकार ने छत्तीसगढ़ में कृषि के विकास हेतु साल- दर साल नवीन नीतिया ओर कार्यक्रम तैयार किया जिससे न केवल कृषि अपितु उदयानकी फ़सलों के उत्पादन को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रफल में १३ वें ओर उत्पादन में १२ वें स्थान पर हे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, कृषक आत्मनिर्भर बने इसके लिए यह ज़रूरी है कि वे सब्जीपालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि कार्यों से भी जुड़े। भारतीय कृषि और खाद्य परिषद द्वारा आयोजित इस १० वे ग्लोबल एग्रीकल्चर लीडरशिप समिट में नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद्र और छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अजय सिंह भी उपस्थित थे ।
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