नई दिल्ली । बंगलुरू में वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या किसने की? हत्या के पीछे वजह क्या थी? उनकी हत्या के पीछे किसका हाथ है? इन सवालों का जवाब अभी पुलिस तलाशने में जुटी हुई है। लेकिन गौरी लंकेश की हत्या के मुद्दे को लेकर हो रही राजनीति जोर पकड़ती जा रही है। भाजपा के विधायक ने गौरी लंकेश की हत्या को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिससे विपक्ष को आरएसएस पर हमला करने का एक और मौका मिल गया है।
आजतक की खबर के मुताबिक, कर्नाटक के भाजपा नेता और पूर्व मंत्री जीवराज ने कहा कि अगर गौरी लंकेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों की मौत के जश्न के बारे में ना लिखती तो शायद आज जिंदा होतीं। भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक के दौरान जीवराज ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान कई आरएसएस कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया गया। लेकिन सिद्धारमैया सरकार ने इन हत्यारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अभी तक संघ परिवार के 11 लोग वहां मारे जा चुके हैं।
जीवराज ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में हमने संघ के लोगों को मरते हुए देखा, जिसके बाद गौरी लंकेश ने भी उनके बारे में लिखा। अगर वह इस तरह के लेखों से दूरी बनाए रखतीं तो शायद जीवित होतीं। गौरी लंकेश मेरी बहन की तरह हैं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने हमारे खिलाफ लिखा वह गलत था।
गौरतलब है कि साप्ताहिक मैग्जीन लंकेश पत्रिका की संपादक गौरी लंकेश को 4 अज्ञात हमलावरों ने राज राजेश्वरी इलाके में स्थित उनके घर के बाहर हमला किया, जिसके बाद मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। सूत्रों की मानें तो गौरी लंकेश की हत्या के पीछे नक्सलियों का हाथ हो सकता है।
आजतक की खबर के मुताबिक, कर्नाटक के भाजपा नेता और पूर्व मंत्री जीवराज ने कहा कि अगर गौरी लंकेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों की मौत के जश्न के बारे में ना लिखती तो शायद आज जिंदा होतीं। भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक के दौरान जीवराज ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान कई आरएसएस कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया गया। लेकिन सिद्धारमैया सरकार ने इन हत्यारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अभी तक संघ परिवार के 11 लोग वहां मारे जा चुके हैं।
जीवराज ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में हमने संघ के लोगों को मरते हुए देखा, जिसके बाद गौरी लंकेश ने भी उनके बारे में लिखा। अगर वह इस तरह के लेखों से दूरी बनाए रखतीं तो शायद जीवित होतीं। गौरी लंकेश मेरी बहन की तरह हैं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने हमारे खिलाफ लिखा वह गलत था।
गौरतलब है कि साप्ताहिक मैग्जीन लंकेश पत्रिका की संपादक गौरी लंकेश को 4 अज्ञात हमलावरों ने राज राजेश्वरी इलाके में स्थित उनके घर के बाहर हमला किया, जिसके बाद मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। सूत्रों की मानें तो गौरी लंकेश की हत्या के पीछे नक्सलियों का हाथ हो सकता है।
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