Sunday, January 17, 2016

STARTUP REVOLUTION : NOW INDIA WILL KINGMAKER OF WORLD, BECAME NO.1 IN STARTUPS

देश में स्टार्ट-अप ला सकते है नई क्रांति


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्टार्ट-अप मूवमेंट की शुरूआत की, जिसका मक़सद उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है.

इस नए मूवमेंट में सरकार के लिए क्या चुनौतियां हैं और क्या यह देश को आगे ले जा सकेगा. इस विषय पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने बताया कि यह एक मज़बूत इकोसिस्टम है, जो हमारी पॉलिसी का समर्थन करेगा और इससे देश में नए उद्यमियों के विकास में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री ने छोटे-छोटे उद्योगों को मदद देने के लिए कई नई नीतियों की भी बात की है. उन्होंने एक व्यापक कार्य योजना के बारे में बात की है जो स्टार्ट-अप को नई दिशा दे सकते हैं.

देश में स्टार्ट-अप की संख्या में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है. पिछले वित्त वर्ष में देश में 500 नए कारोबार शुरू हुए थे जबकि मौजूदा वित्त वर्ष में यह आंकड़ा लगभग 1200 तक पहुंच चुका है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण में स्टार्ट-अप को शुरू करने और उसे चालू रख सकने पर बहुत सी बातें सुनने को मिलीं. स्टार्ट-अप बिजऩेस में तीन साल तक टैक्स में छूट, अटल इनोवेशन मिशन, इनक्यूबेशन सुविधाओं और ट्रेनिंग से बहुत मदद मिलेगी. चंद्रजीत ने कहा, "यदि हम भारत में इसे आगे ले जा सके तो इससे काफ़ी लोगों को रोजग़ार मिलेगा और इससे भारत में एक नई क्रांति का आग़ाज़ हो सकता है.

इस नए अभियान को ले कर मोदी सरकार के लिए चुनौतियों पर वह कहते हैं, उद्यमों के बढऩे के साथ-साथ देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी युवाओं को प्रेरित करने की. यह ज़रूरी है कि परिपक्व आइडिया को आगे ले जाने और उद्यम बंद कर सकने की सुविधा हो. इसी पर निर्भर करेगा कि हमारी अर्थव्यवस्था कैसे आगे बढ़ेगी.
प्रधानमंत्री ने स्टार्ट-अप के इच्छुक लोगों के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपए का एक कोष तैयार करने की घोषणा की है और कहा है कि गुणवत्ता से समझौता किए बग़ैर नए विचारों को अवसर दिया जाएगा. वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे लाइसेंस राज के लिए आखऱि क़दम बताया.
ऐसे में नए कारोबार शुरू करने के अभियान में क्या बदलाव आएंगे, इस पर चंद्रजीत कहते हैं, छोटे व्यवसायों में एक बड़ी समस्या होती है नियमों का पालन करने की यानि कि कॉम्प्लायंस की. लेकिन आज की कार्य योजना में सेल्फ़-सर्टिफि़केशन का ऐलान इस बोझ को काफ़ी कम कर देगा ताकि उद्यमी व्यवसाय पर ध्यान दें न कि नियमों पर

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