जयपुर, 07 सितम्बर। जिला कलक्टर श्री सिद्धार्थ महाजन ने जिले में पं. दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन चिन्हीकरण-पंजीकरण अभियान की शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए अधिक से अधिक दिव्यांगों का पंजीकरण करने के निर्देश दिये है।
महाजन गुरूवार को जिला कलक्टर के सभागार में विशेष योग्यजन चिन्हीकरण पंजीयन अभियान के संबंध में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने नगर-निगम जयपुर क्षेत्र एवं नगर पालिकाओं के अधिशाषी अधिकारियों से कहा है कि उनके क्षेत्र में कोई भी विशेष योग्यजन पंजीयन होने से छूटना नहीं चाहिए, इसके लिए अधिशाषी स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने विशेष योग्यजनों के चिन्हीकरण एवं पंजीयन करने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करने के निर्देश दिये। यदि किसी क्षेत्र में ज्यादा संख्या में विशेष योग्यजन पंजीयन होने से छूट रहे हो तो वहां शिविर लगाकर पंजीयन करने की सुनिश्चितता करें।
जिला कलक्टर ने 11 से 22 सितम्बर तक विशेष योग्यजनों के चिन्हीकरण एवं पंजीयन के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिये है।
शिविरों में 21 प्रकार की डिसेबिलिटीज का होगा पंजीयन
उन्होंने बताया कि शिविरों में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत सूचीबद्ध सभी 21 प्रकार की डिसेबिलिटीज का पंजीयन कराया जा सकेंगा। इनमें अंधता, अल्प दृष्टि, कुष्ठ रोग मुक्त, श्रवण बाधित, चलन निःशक्तता, बौनापन, बौद्धिक क्षमता, मानसिक रोगी, स्वलीनता, प्रमस्तिष्क घात, मांसपेशीय दुर्विकास, क्रोनिक न्यूरोलोजिकल कण्डीशन, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी, मल्टीपल स्कलेरोसीस, थैलेसीमिया, वाक् एवं भाषा निःशक्तता, हीमोफीलिया/अधिरक्तस्राव, सीकल सैल डिजीज, बहु निःशक्तता, तेजाब हमला पीडि़त एवं पार्किन्संस रोग से संबंधित डिसेबिलिटीज शामिल है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) डॉ. बी.डी. कुमावत, नगर-निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. हरसहाय मीना, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं नगर पालिकाओं के अधिशाषी अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारी कार्यालय में दर्ज प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करे- जिला कलक्टर
जिला कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये है कि उनके कार्यालय में राजस्व विभाग के संबंधित प्रकरणों का समय पर निस्तारण करने की सुनिश्चितता करे।
जिला कलक्टर गुरूवार को कलेक्टेªट के सभागार में विभिन्न विभागों के बकाया प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। जिला कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारियों को उनके अधीन सभी ग्राम पंचायतों को 25 सितम्बर तक ओडीएफ करने के निर्देश दिये। राजमार्ग के लिए अधिकृत भूमि मालिक को एनएचआई से भुगतान कराने एवं समाज कल्याण विभाग छात्रावासों के निर्माण जीएसएच, पंचायत भवन निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पशु चिकित्सालय भवन निर्माण एवं राजकीय उपयोग के लिए भूमि आवंटन करने के निर्देश दिये है।
जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को लोकायुक्त व विधानसभा प्रश्नों के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पर राजस्व से संबंधित प्रकरणों का 11 सितम्बर तक निस्तारण करने के निर्देश दिये है। इस हेल्पलाईन पर कोई भी प्रकरण बकाया नहीं रहना चाहिए नहीं तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। छः माह से अधिक समय के प्रकरणों का निस्तारण की तत्काल कार्यवाही करे। उन्होंने सभी उपखण्ड अधिकारियों को विशेष योग्यजनों का चिन्हीकरण कर पंजीयन करने के भी निर्देश दिये है। इसके लिए उन्होंने ए.एन.एम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगी एवं संबंधित विभागों के कार्मिकों के साथ सरपंचों का भी सहयोग ले ताकि कोई विशेष योग्यजन पंजीयन से छूटे नहीं।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) डॉ. मोहनलाल यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (द्वितीय) श्री सुनील भाटी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) श्री कैलाश यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) डॉ. बी.डी. कुमावत, अतिरिक्त जिला कलक्टर (उत्तर) श्री मोहम्मद अबूबक्र अतिरिक्त, जिला कलक्टर (दक्षिण) श्री हरिसिंह मीना, उपखण्ड अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
महाजन गुरूवार को जिला कलक्टर के सभागार में विशेष योग्यजन चिन्हीकरण पंजीयन अभियान के संबंध में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने नगर-निगम जयपुर क्षेत्र एवं नगर पालिकाओं के अधिशाषी अधिकारियों से कहा है कि उनके क्षेत्र में कोई भी विशेष योग्यजन पंजीयन होने से छूटना नहीं चाहिए, इसके लिए अधिशाषी स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने विशेष योग्यजनों के चिन्हीकरण एवं पंजीयन करने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करने के निर्देश दिये। यदि किसी क्षेत्र में ज्यादा संख्या में विशेष योग्यजन पंजीयन होने से छूट रहे हो तो वहां शिविर लगाकर पंजीयन करने की सुनिश्चितता करें।
जिला कलक्टर ने 11 से 22 सितम्बर तक विशेष योग्यजनों के चिन्हीकरण एवं पंजीयन के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिये है।
शिविरों में 21 प्रकार की डिसेबिलिटीज का होगा पंजीयन
उन्होंने बताया कि शिविरों में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत सूचीबद्ध सभी 21 प्रकार की डिसेबिलिटीज का पंजीयन कराया जा सकेंगा। इनमें अंधता, अल्प दृष्टि, कुष्ठ रोग मुक्त, श्रवण बाधित, चलन निःशक्तता, बौनापन, बौद्धिक क्षमता, मानसिक रोगी, स्वलीनता, प्रमस्तिष्क घात, मांसपेशीय दुर्विकास, क्रोनिक न्यूरोलोजिकल कण्डीशन, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी, मल्टीपल स्कलेरोसीस, थैलेसीमिया, वाक् एवं भाषा निःशक्तता, हीमोफीलिया/अधिरक्तस्राव, सीकल सैल डिजीज, बहु निःशक्तता, तेजाब हमला पीडि़त एवं पार्किन्संस रोग से संबंधित डिसेबिलिटीज शामिल है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) डॉ. बी.डी. कुमावत, नगर-निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. हरसहाय मीना, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं नगर पालिकाओं के अधिशाषी अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारी कार्यालय में दर्ज प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करे- जिला कलक्टर
जिला कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये है कि उनके कार्यालय में राजस्व विभाग के संबंधित प्रकरणों का समय पर निस्तारण करने की सुनिश्चितता करे।
जिला कलक्टर गुरूवार को कलेक्टेªट के सभागार में विभिन्न विभागों के बकाया प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। जिला कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारियों को उनके अधीन सभी ग्राम पंचायतों को 25 सितम्बर तक ओडीएफ करने के निर्देश दिये। राजमार्ग के लिए अधिकृत भूमि मालिक को एनएचआई से भुगतान कराने एवं समाज कल्याण विभाग छात्रावासों के निर्माण जीएसएच, पंचायत भवन निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पशु चिकित्सालय भवन निर्माण एवं राजकीय उपयोग के लिए भूमि आवंटन करने के निर्देश दिये है।
जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को लोकायुक्त व विधानसभा प्रश्नों के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पर राजस्व से संबंधित प्रकरणों का 11 सितम्बर तक निस्तारण करने के निर्देश दिये है। इस हेल्पलाईन पर कोई भी प्रकरण बकाया नहीं रहना चाहिए नहीं तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। छः माह से अधिक समय के प्रकरणों का निस्तारण की तत्काल कार्यवाही करे। उन्होंने सभी उपखण्ड अधिकारियों को विशेष योग्यजनों का चिन्हीकरण कर पंजीयन करने के भी निर्देश दिये है। इसके लिए उन्होंने ए.एन.एम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगी एवं संबंधित विभागों के कार्मिकों के साथ सरपंचों का भी सहयोग ले ताकि कोई विशेष योग्यजन पंजीयन से छूटे नहीं।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) डॉ. मोहनलाल यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (द्वितीय) श्री सुनील भाटी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) श्री कैलाश यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) डॉ. बी.डी. कुमावत, अतिरिक्त जिला कलक्टर (उत्तर) श्री मोहम्मद अबूबक्र अतिरिक्त, जिला कलक्टर (दक्षिण) श्री हरिसिंह मीना, उपखण्ड अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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