बीजिंग । चीन अब तक उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा सहयोगी था, लेकिन अब लगता है कि उत्तर कोरिया का यह दोस्त ही उसका सबसे बड़ा दुश्मन बन जाएगा। चीन ने उत्तर कोरिया द्वारा लगातार किए जा रहे परमाणु परीक्षणों को लेकर भारी चिंता प्रकट की है। चीन की चिंता यह है कि उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह उसके खिलाफ भी परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से नहीं चूकेगा।
चीन अब अपनी सेना को अचानक होने वाले हमले से निपटने के लिए तैयार करने में जुट गया है। चीनी एयरफोर्स ने कोरियाई प्रायद्वीप के पास सैन्य अभ्यास कर 'आकस्मिक हमले' से निपटने की अपनी तैयारियों की समीक्षा की। बोहाई सागर के पास चीन की ऐंटी-एयरक्राफ्ट बटालियन ने अभ्यास किया। यह पीले सागर का अंदरूनी इलाका है, जो चीन और कोरियाई प्रायद्वीप को बांटता है। इस दौरान सैनिक मध्य चीन से इस इलाके तक पहुंचे और फिर ऐसे हमले किए गए जैसे असली युद्ध हो रहा हो। 'इस दौरान देखा गया कि सैनिक कितनी जल्दी कार्रवाई कर रहे हैं और वास्तविक युद्ध की स्थिति में क्या होगा।
चीन अब अपनी सेना को अचानक होने वाले हमले से निपटने के लिए तैयार करने में जुट गया है। चीनी एयरफोर्स ने कोरियाई प्रायद्वीप के पास सैन्य अभ्यास कर 'आकस्मिक हमले' से निपटने की अपनी तैयारियों की समीक्षा की। बोहाई सागर के पास चीन की ऐंटी-एयरक्राफ्ट बटालियन ने अभ्यास किया। यह पीले सागर का अंदरूनी इलाका है, जो चीन और कोरियाई प्रायद्वीप को बांटता है। इस दौरान सैनिक मध्य चीन से इस इलाके तक पहुंचे और फिर ऐसे हमले किए गए जैसे असली युद्ध हो रहा हो। 'इस दौरान देखा गया कि सैनिक कितनी जल्दी कार्रवाई कर रहे हैं और वास्तविक युद्ध की स्थिति में क्या होगा।
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